उद्योग लैंगिक समानता एवं सामाजिक समावेशन (GESI) उपायों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे महिलाओं एवं वंचित समूहों के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। महिलाओं के अतिरिक्त, वंचित समूहों में दिव्यांगजन, कुछ जातीय समुदाय, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आदि शामिल हो सकते हैं। वंचितीकरण का स्वरूप विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न हो सकता है। विभिन्न संगठनों द्वारा GESI उपायों के अंतर्गत की गई पहलें निम्नलिखित हैं:

वर्धमान फैब्रिक्स, बुधनी
- संगठन महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आसपास के गांवों में कार्यशालाओं का आयोजन करता है।
- "समान कार्य के लिए समान वेतन" की नीति लागू है।
- महिला कर्मचारियों के लिए "PACE" (पर्सनल एडवांसमेंट एंड कैरियर एन्हांसमेंट) जैसे सामाजिक कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
- महिला कर्मचारियों के लिए सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
- व्यक्तित्व विकास एवं आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए QC एवं TPM जैसे विभिन्न मंच उपलब्ध कराए जाते हैं। संगठन की महिला कर्मचारियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में संगठन का प्रतिनिधित्व कर पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं।
वेदांता लिमिटेड, लांजीगढ़
- कैंपस भर्ती में 50% महिला कर्मचारियों की नियुक्ति का लक्ष्य।
- महत्वपूर्ण प्रबंधकीय निर्णय लेने वाली समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 30% तक की गई।
- शॉप फ्लोर पर 30% महिला कर्मचारियों की भागीदारी का लक्ष्य।
- LGBTQ कर्मचारियों की नियुक्ति तथा सभी कर्मचारियों के लिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण।
- प्रोजेक्ट सखी: इस परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को समाज में उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्थिति के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें उनके अधिकारों एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने में सहायता करना है।
स्रोत: https://www.vedantalimited.com/eng/social_impact_csr_lanjigarh.php

जेके सीमेंट वर्क्स, निम्बाहेड़ा, राजस्थान
- महिला कर्मचारी केवल सामान्य (दिवसीय) 8 घंटे की शिफ्ट में कार्य करती हैं, जिसमें भोजन अवकाश भी शामिल है।
- सभी महिला कर्मचारियों को अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाता है।
- कार्यालयों में महिलाओं के लिए अलग बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है।
- संगठन में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं पृथक शौचालय उपलब्ध हैं।
- कार्यरत महिलाओं की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान हेतु महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।
स्रोत: https://www.jkcement.com/csr

ट्राइडेंट समूह
- अस्मिता: महिलाओं को सशक्तिकरण, सामान्य स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा हाथ धोने के महत्व के प्रति जागरूक करने हेतु ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतियों एवं सेमिनारों का आयोजन।
- महिलाओं के लिए घर से कार्य (Work From Home) की सुविधा।
- शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति।
- हस्तकला: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु हस्तशिल्प प्रशिक्षण।
- सृजना: किशोरियों को मासिक धर्म एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करना तथा सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित उपयोग एवं निपटान के प्रति जागरूक करना। कार्यक्रम के अंतर्गत एनीमिया से प्रभावित किशोरियों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं आयरन सप्लीमेंट भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
- सक्षम: दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल।
शिक्षा प्रोत्साहन: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की बालिकाओं की साक्षरता एवं समग्र विकास को बढ़ावा देना।
स्रोत: https://www.tridentindia.com/social-responsibility
वेदांता लिमिटेड, झारसुगुड़ा
- कुल कर्मचारियों में कम-से-कम 30% महिला एवं ट्रांसजेंडर श्रेणी से नियुक्ति का लक्ष्य।
- कर्मचारी स्वयंसेवी कार्यक्रम (Employee Volunteerism Programme - EVP): इस कार्यक्रम के अंतर्गत कर्मचारी विभिन्न सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में वेदांता की महिला कर्मचारियों द्वारा कोविड-19 राहत कार्य, अग्नि सुरक्षा कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा कार्यक्रम, पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम तथा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर वृक्षारोपण अभियान जैसी गतिविधियों में कुल 351 दिन एवं 951 घंटे का योगदान दिया गया।
स्रोत: https://www.vedantalimited.com/eng/social_impact_csr_jharsuguda.php

रेमंड लिमिटेड, छिंदवाड़ा
- रेमंड टेक्सटाइल प्लांट, छिंदवाड़ा के मेंडिंग (Mending) विभाग में पूरी तरह महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड
- कंपनी विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को निरंतर बढ़ावा दे रही है, जिससे कार्यस्थल पर विविधता को प्रोत्साहन मिल रहा है।
- कंपनी का लक्ष्य प्रत्येक वर्ष महिला कर्मचारियों की संख्या में 2% की वृद्धि करना है, जिससे अधिक समान एवं समावेशी कार्यबल का निर्माण हो सके।
- महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups - SHGs) स्थापित किए गए हैं, जो बचत, आंतरिक ऋण व्यवस्था तथा ऋण सुविधा के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हैं। सदस्यों को आय-सृजन गतिविधियों के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।
स्रोत: https://www.jktyre.com/JK%20Tyre%20Sustainability%20Report%202021.pdf

श्री रेणुका शुगर्स
- सतत गन्ना पहल (Sustainable Sugarcane Initiative) के माध्यम से कंपनी विशेष रूप से महिला किसानों के बीच व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है।
स्रोत: https://renukasugars.com/pdf/shareholders-service/agm/brsr-fy-2022-23.pdf
आईटीसी लिमिटेड
- महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण: विशेष रूप से अत्यधिक गरीबी में रहने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से स्वतंत्र आय अर्जित करने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। इस पहल का उद्देश्य लैंगिक असमानता को समाप्त करना तथा अधिक समान समाज का निर्माण करना है।
- प्रमाणित सतत कृषि: विभिन्न मूल्य श्रृंखलाओं में रेन फॉरेस्ट एलायंस (RFA), ग्लोबल गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज (GAP) तथा फेयरट्रेड जैसे प्रमाणनों को बढ़ावा दिया जाता है। ये प्रमाणन बाल श्रम रोकने, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रदूषण की रोकथाम तथा जैव विविधता संरक्षण में सहायक हैं।
स्रोत: https://www.itcportal.com/sustainability/womens-economic-empowerment-programme.aspx
बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (BCML)
- वर्ष 2018-19 में कंपनी ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के सहयोग से उत्तर प्रदेश के नोएडा में निपुण स्किलिंग सेंटर की स्थापना की। इसका उद्देश्य 24 महीनों में 1000 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना था।
- BCML ने अगस्त्य फाउंडेशन के साथ साझेदारी कर मोबाइल साइंस लैब्स के माध्यम से वंचित क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल की है। ये प्रयोगशालाएँ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक वैज्ञानिक शिक्षा प्रदान कर शिक्षा के अंतर को कम करने में सहायता करती हैं। उल्लेखनीय है कि इस पहल ने अपने लक्षित समूह में 100% जागरूकता प्राप्त की है।
स्रोत: https://chini.com/sustainability/social/
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO)
- पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति लागू की गई है।
- भर्ती एवं चयन प्रक्रिया को इस प्रकार संरचित किया गया है कि लिंग, भौगोलिक क्षेत्र, जातीयता, धर्म अथवा सामाजिक वर्ग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
- संगठन में किसी भी प्रकार के भेदभाव को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।
स्रोत: https://nalcoindia.com/sustainability/sustainable-development-reports/
